Monday, March 26, 2012

सिर्फ दीवानों के लिए ......: मुझे छोड़ तो दिया पर, भुला ना सके......

सिर्फ दीवानों के लिए ......: मुझे छोड़ तो दिया पर, भुला ना सके......: वो मारते रहे पर रुला ना सके, मुझे मौत की नींद सुला ना सके, उनकी आँखों का पानी बयाँ कर रहा है, मुझे छोड़ तो दिया पर, भुला ना सके...... डा...

सिर्फ दीवानों के लिए ......: अपनों के किरदार बदलते देखे है......

सिर्फ दीवानों के लिए ......: अपनों के किरदार बदलते देखे है......: एक छोटी सी बात पर परिवार बदलते देखे है, जरुरत पड़ी तो सब रिश्तेदार बदलते देखे है, यकीन सा उठ चला हर शख्स से "प्रभात" मैंने अक्सर अपनों के क...

Thursday, March 22, 2012

अंतर्मंथन: अंजानी (ब्लॉग) राहों पर चलना संभल के ---

अंतर्मंथन: अंजानी (ब्लॉग) राहों पर चलना संभल के ---: होली के अवसर पर हर वर्ष डॉक्टर्स की विभिन्न संस्थाएं अपने अपने क्षेत्र में होली मनाती हैं । रात को होने वाले कार्यक्रम में कॉकटेल डिनर होता...

अंतर्मंथन: फाइव स्टार अस्पताल, किस के लिए ---

अंतर्मंथन: फाइव स्टार अस्पताल, किस के लिए ---: रोज सुबह जब अस्पताल जाता हूँ , पाता हूँ रोज वही भीड़ भाड़ । झाड़ से चेहरे, एक जैसे कैसे कैसे अरमान लिए आते हैं , क्या सबके पूरे हो पाते हैं ...

अंतर्मंथन: बार बार दिन ये आए , बार बार दिल ये गाए ---चुनाव .

अंतर्मंथन: बार बार दिन ये आए , बार बार दिल ये गाए ---चुनाव .: हर वर्ष के आरंभ में हम डॉक्टर्स अपनी संस्था , दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों के चुनाव कराते हैं . मार्च अंत तक जहाँ एक तरफ वित्तीय ...

Thursday, March 15, 2012

कविताओं के मन से....!!!!: मुझे यकीन है ….

कविताओं के मन से....!!!!: मुझे यकीन है ….: मुझे यकीन है …. तुम कहती हो कि , तुम मुझसे प्यार नही करती हो फिर क्यों तुम, अक्सर मेरे ख़तों के इंतजार में , अपने दरवाज़े पर खड़े होकर ;...

कविताओं के मन से....!!!!: "माँ का बेटा"

कविताओं के मन से....!!!!: "माँ का बेटा": दोस्तों , आज मेरी माँ की बरसी है , उन्हें इस संसार से गए हुए २४ साल हो गए है ...लेकिन मैंने उन्हें हमेशा अपने पास ही पाया . मैं जो कुछ भ...