suryaveer dindor
i and u
Thursday, March 22, 2012
अंतर्मंथन: फाइव स्टार अस्पताल, किस के लिए ---
अंतर्मंथन: फाइव स्टार अस्पताल, किस के लिए ---
: रोज सुबह जब अस्पताल जाता हूँ , पाता हूँ रोज वही भीड़ भाड़ । झाड़ से चेहरे, एक जैसे कैसे कैसे अरमान लिए आते हैं , क्या सबके पूरे हो पाते हैं ...
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