Thursday, March 22, 2012

अंतर्मंथन: फाइव स्टार अस्पताल, किस के लिए ---

अंतर्मंथन: फाइव स्टार अस्पताल, किस के लिए ---: रोज सुबह जब अस्पताल जाता हूँ , पाता हूँ रोज वही भीड़ भाड़ । झाड़ से चेहरे, एक जैसे कैसे कैसे अरमान लिए आते हैं , क्या सबके पूरे हो पाते हैं ...

No comments:

Post a Comment

v.nice
good