Thursday, March 15, 2012

कविताओं के मन से....!!!!: मुझे यकीन है ….

कविताओं के मन से....!!!!: मुझे यकीन है ….: मुझे यकीन है …. तुम कहती हो कि , तुम मुझसे प्यार नही करती हो फिर क्यों तुम, अक्सर मेरे ख़तों के इंतजार में , अपने दरवाज़े पर खड़े होकर ;...

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